सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल की खपत कम करने की अपील की गई है। ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही वाहनों का उपयोग करें और ईंधन बचाने में अपना योगदान दें।
चाहे सरकारी विभाग हों या आम नागरिक, सभी को इस जिम्मेदारी को समझना होगा। यदि किसी कार्यालय या बैठक स्थल की दूरी बहुत कम है, तो वहां पैदल जाकर भी काम किया जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि अस्पताल और जनपद कार्यालय के बीच केवल कुछ मीटर की दूरी है, तो बैठक में शामिल होने के लिए वाहन के बजाय पैदल चलना बेहतर विकल्प हो सकता है।
ईंधन की बचत न केवल आर्थिक रूप से लाभदायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए आइए, जरूरत हो तभी वाहन चलाएं और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें।
