यशवंत गंजीर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में रविवार को एक अनोखी और पारंपरिक शादी उस समय सियासी पारे के चढ़ने और प्रशासनिक अव्यवस्था की गवाह बन गई, जब तेज बारिश ने पूरे कार्यक्रम का मजा किरकिरा कर दिया। बेमेतरा विधायक दीपेश साहू की यह शादी आधुनिक तामझाम से दूर, पारंपरिक बैलगाड़ी में बारात निकालकर बेहद खास बनाई गई थी। लेकिन, इस भव्य आयोजन का अंत जिला प्रशासन के लिए किसी ‘संडे नाइटमेयर’ से कम नहीं रहा।
शानदार शुरुआत: बैलगाड़ी पर दूल्हा, उमड़ा जनसैलाब
शादी की शुरुआत बेहद शानदार और पारंपरिक ढंग से हुई थी। विधायक दीपेश साहू की बारात जब बाजे-गाजे और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकली, तो उसे देखने के लिए हजारों की संख्या में समर्थक और ग्रामीण उमड़ पड़े। इस हाई-प्रोफाइल शादी में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव समेत छत्तीसगढ़ का पूरा कैबिनेट शामिल होने पहुंचा था।
अचानक बदला मौसम, सिर पर उठानी पड़ी कुर्सियां!
विवाह की रस्में शुरू ही हुई थीं कि अचानक आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। वॉटरप्रूफ डोम या मुकम्मल शेड न होने के कारण पंडाल में अफरा-तफरी मच गई। दूल्हा-दुल्हन से लेकर आए हुए वीआईपी और बाराती-घराती खुद को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भागने लगे। स्थिति यह हो गई कि जिसे जो मिला—चाहे वह कुर्सी हो या कोई कपड़ा—उसे ही सिर पर रखकर लोग बारिश से बचते नजर आए।
प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ीं, ‘सुपर सीनियर’ नेता का फूटा गुस्सा
इस भारी अव्यवस्था को देखकर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कड़े लहजों में कहा कि,”मैंने अपने इतने लंबे सार्वजनिक जीवन में आज तक ऐसी बदइंतजामी नहीं देखी। जब प्रशासन को पहले से पता था कि कार्यक्रम में सूबे के मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल शामिल होने वाला है, तो आयोजन स्थल और मौसम को देखते हुए समय पर पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं की गई?”
अधिकारियों को फटकार: ‘पीछे के रास्ते से हुआ सीएम का स्वागत’
डॉ. रमन सिंह ने बेमेतरा के कलेक्टर और एसपी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के स्वागत और मंचीय व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
*गरिमा के खिलाफ: उन्होंने साफ कहा कि यह आयोजन मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की गरिमा के अनुरूप बिल्कुल नहीं था।
*प्रोटोकॉल का उल्लंघन: मुख्यमंत्री की अगवानी सम्मानजनक तरीके से सामने से होनी चाहिए थी, लेकिन उनका स्वागत पीछे की ओर से किया गया, जो प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन है।
*नियमों की अज्ञानता: अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों को प्रोटोकॉल और नियमों की पर्याप्त जानकारी ही नहीं है।
प्रशासन ने साधी चुप्पी:
डॉ. रमन सिंह ने सख्त लहजे में प्रशासन को चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की गंभीर चूक और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल फटकार के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह मामला देर रात तक चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और प्रोटोकॉल में हुई चूक को लेकर बेमेतरा जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है।

