यशवंत गंजीर धमतरी। धमतरी से लगे हुये बालोद जिले के नवगठित पलारी नगर पंचायत के पहले ऐतिहासिक चुनाव ने छत्तीसगढ़ की सियासत में ऐसा भूचाल ला दिया है कि बड़े-बड़े दिग्गजों की नींद उड़ गई है। ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनने के बाद हो रहे इस पहले दंगल को भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही पार्टियां अपनी प्रतिष्ठा का सबसे बड़ा प्रश्न बना चुकी हैं। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में मुकाबला उस वक्त बेहद हाई-प्रोफाइल हो गया, जब सूबे के वर्तमान गृह मंत्री विजय शर्मा और पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू चुनावी मैदान में सीधे टकरा गए। दोनों नेताओं के बीच मचे इस घमासान से पलारी का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
‘गाड़ियों के काफिले’ पर छिड़ा तीखा विवाद:
कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भाजपा पर आचार संहिता के उल्लंघन का बड़ा आरोप लगाते हुए सीधा हमला बोला है। उन्होंने चुनावी सभा में तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री देश में डीजल बचाने की बात करते हैं, और दूसरी तरफ पलारी के इस चुनाव में भाजपा नेताओं का 40 से 50 गाड़ियों का भारी-भरकम काफिला घूम रहा है। उन्होंने इसे चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन करार दिया।
इस तीखे वार पर पलटवार करने में वर्तमान गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी देर नहीं की। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे नियमों का पालन करने वाले देश के जिम्मेदार नागरिक हैं। शर्मा ने साफ किया कि नगर पंचायत की सीमा में प्रवेश करते ही उन्होंने अपने सरकारी वाहन को छोड़ दिया था और वे केवल निजी वाहन से ही चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और हताशा का परिणाम बताया।

‘अनुभव’ बनाम ‘युवा जोश’ की सीधी भिड़ंत:
पलारी के पहले नगर पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए दोनों ही दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस ऐतिहासिक मुकाबले में भाजपा ने अपने वरिष्ठ और अनुभवी नेता लखन गुरुपंच को मैदान में उतारा है, जिनकी कमान खुद गृह मंत्री विजय शर्मा, नीलू शर्मा और स्थानीय संगठन ने संभाल रखी है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस ने दांव खेलते हुए युवा चेहरे यानेश साहू पर भरोसा जताया है। यानेश के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा और धमतरी के विधायक लगातार धुआंधार जनसंपर्क और जनसभाएं कर रहे हैं। जहाँ भाजपा अपने तजुर्बे के दम पर इतिहास रचने को तैयार है, वहीं कांग्रेस युवा जोश के सहारे बाजी मारने की फिराक में है।
15 वार्डों का दंगल: 1 जून को जनता लिखेगी नया इतिहास
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, पलारी नगर पंचायत के कुल 15 वार्डों के भाग्य का फैसला करने के लिए 01 जून 2026 को वोट डाले जाएंगे। 11 मई से शुरू हुई यह पूरी चुनावी प्रक्रिया 4 जून 2026 को नतीजों के साथ खत्म होगी।
राजनीतिक गलियारों में बस एक ही चर्चा गर्म है कि पलारी की जनता विकास की चाबी किसके हाथ में सौंपेगी और इस नए नगर पंचायत का पहला ताज किसके सिर सजेगा!

