कटनी जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम लगातार जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग कर रही है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर कल मंगलवार की दोपहर करीब 1 बजे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास प्रतिभा पांडे के नेतृत्व में टीम ने विकासखंड रीठी के ग्राम घनिया, मुहास, खमरिया तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी का निरीक्षण किया। इस दौरान सीपीसी सलाहकार भी टीम के साथ मौजूद रहीं।
एएनसी पंजीयन, टीकाकरण और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सेवाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्राम पोषण एवं स्वास्थ्य दिवस गतिविधियों का जायजा लिया। टीम ने गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन, टीकाकरण, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के पंजीयन की प्रगति भी जांची गई।
मुहास गांव में मिली लापरवाही, सीएमएचओ ने दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान ग्राम मुहास में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अनुपस्थित पाई गईं। वहीं 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की ड्यू-लिस्ट भी उपलब्ध नहीं मिली। दोपहर 1 बजे तक स्वास्थ्य सेशन शुरू नहीं होने पर सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ने नाराजगी जताते हुए तत्काल दोबारा सेशन आयोजित कर हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर टीकाकरण, जांच और पोषण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी जारी रहेगी।

