कटनी। रीठी मुख्यालय स्थित सांदिपनि विद्यालय का एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने संस्था के प्राचार्य पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस मामले में जिला शिक्षा विभाग द्वारा की गई शिथिल कार्रवाई से असंतुष्ट होकर पीड़िता सोमवार को सीधे जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंची। पीड़िता ने आरोपी प्राचार्य को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने और उसके खिलाफ आपराधिक मामला (FIR) दर्ज कराने की मांग की है।
रीठी के संदीपनि विद्यालय में पदस्थ प्राचार्य हेमराज कारपेंटर पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी कि प्राचार्य उन पर शारीरिक संबंध बनाने का अनैतिक दबाव बना रहे थे। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की विभागीय जांच करवाई। जांच के बाद विभाग ने प्राचार्य के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने के बजाय, उन्हें केवल संदीपनि विद्यालय से हटाकर बहोरीबंद के एक विद्यालय में अटैच कर दिया।
विभाग पर संरक्षण देने और मामला दबाने के आरोप
सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची पीड़िता ने विभाग की इस कार्रवाई पर गहरा रोष और असंतोष व्यक्त किया। पीड़िता का सीधा आरोप है कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारी मामले को रफा-दफा करने और आरोपी प्राचार्य को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
पीड़िता ने बताया कि अधिकारियों का कहना है कि यदि इस मामले में पुलिस केस दर्ज कराया गया, तो इससे विद्यालय और शिक्षा विभाग की बदनामी होगी। विभाग को अपनी साख की चिंता है, लेकिन उस विद्यालय में पढ़ने वाली मासूम बच्चियों के भविष्य और सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। अगर समय रहते इस आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में विद्यालय की छात्राओं के साथ भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
इस पूरे विवाद और आरोपों पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने विभाग का कहना है कि
विभाग द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार है। शिकायत प्राप्त होने के बाद हमने तत्काल एक जांच दल गठित कर मामले की विधिवत जांच कराई थी, जिसके आधार पर प्राचार्य को वहां से हटाया गया है। यदि शिकायतकर्ता इस जांच और कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं, तो हम पुनः एक बार और दूसरी टीम गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच करवा लेंगे।
इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मामलों में जहां तत्काल पुलिस फॉरवर्डिंग और निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, वहां आरोपी को केवल दूसरे स्कूल में अटैच।कर देना विभाग की मंशा पर सवाल उठाता है।

