बलरामपुर – जिले के सनावल थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और मातम का माहौल है। बताया जा रहा है कि चारों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर डिंडा साप्ताहिक बाजार से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पीपरपान मोड़ के पास उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े एटा लोड ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही दो युवकों की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दो अन्य युवकों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।Accident

हादसे के बाद मची अफरा-तफरी

हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। रात का समय होने और सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण बाइक सवार युवकों को सड़क किनारे खड़ा ट्रैक्टर दिखाई नहीं दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और चारों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दो युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।
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परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने ट्रैक्टर चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ट्रैक्टर चालक ने वाहन को गलत तरीके से सड़क पर खड़ा किया था। ट्रैक्टर-ट्रॉली में किसी भी प्रकार का रिफ्लेक्टर, इंडिकेटर या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया था, जिसके कारण अंधेरे में बाइक सवार युवकों को खड़ा वाहन दिखाई नहीं दिया

और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
परिजनों का आरोप है कि यदि ट्रैक्टर में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो चार युवकों की जान बच सकती थी। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में गहरा आक्रोश देखा गया और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही सनावल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रैक्टर को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सड़क पर ट्रैक्टर खड़ा करने के नियमों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। साथ ही बाइक की गति और अन्य संभावित कारणों को भी जांच में शामिल किया गया है।
गांव में पसरा मातम
एक साथ चार युवकों की मौत की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क पर खड़े भारी वाहनों में रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाना अनिवार्य होता है, ताकि रात के समय दूसरे वाहन चालकों को खतरे का अंदाजा हो सके।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवारों को न्याय कब तक मिल पाता है।Accident

