कटनी। कटनी जिले के रीठी मुख्यालय स्थित सांदीपनि शासकीय विद्यालय के प्राचार्य पर एक महिला सफाई कर्मी द्वारा शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का गंभीर आरोप लगाया गया है। मामले में शिकायत के 14 दिन बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्राचार्य हेमराज कारपेंटर को बहोरीबंद उत्कृष्ट विद्यालय में अटैच (संबद्ध) कर दिया है। वहीं, उनकी जगह राम मनोज साहू को विद्यालय का नया प्रभार सौंपा गया है। दूसरी ओर, पीड़िता ने इस विभागीय कार्रवाई को महज खानापूर्ति बताते हुए आरोपी प्राचार्य को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।
कलेक्ट्रेट और SP ऑफिस में हुई थी शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार, रीठी के सांदीपनि शासकीय विद्यालय में पदस्थ एक महिला सफाई कर्मी ने बीते 4 मई को कटनी कलेक्ट्रेट कार्यालय और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि प्राचार्य हेमराज कारपेंटर द्वारा उन पर अनैतिक संबंध बनाने के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया जा रहा था। इस शिकायत के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए थे।
14 दिन बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई
शिकायत के ठीक 14 दिन बाद, सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने जांच दल का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर कार्रवाई की। DEO द्वारा जारी आदेश के तहत प्राचार्य हेमराज कारपेंटर को रीठी से हटाकर बहोरीबंद उत्कृष्ट विद्यालय में अटैच कर दिया गया है।
महिला कर्मचारी की शिकायत पर एक जांच दल गठित किया गया था। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद आज प्राचार्य हेमराज कारपेंटर को बहोरीबंद उत्कृष्ट विद्यालय में अटैच कर दिया गया है। विद्यालय की व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए राम मनोज साहू जी को आगामी प्रभार सौंपा गया है।
— राजेश अग्रहरी, जिला शिक्षा अधिकारी, कटनी
पीड़िता ने उठाए कार्रवाई पर सवाल, की कड़ी सजा की मांग
प्रशासनिक स्तर पर किए गए इस फेरबदल और अटैचमेंट की कार्रवाई से पीड़िता संतुष्ट नहीं है। पीड़िता ने इस कदम को नाकाफी बताते हुए प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
पीड़िता का कहना है की जिस तरह का कृत्य प्राचार्य द्वारा किया गया है, उसके लिए सिर्फ ट्रांसफर या अटैचमेंट जैसी कार्रवाई एक खानापूर्ति जैसी है। आरोपी को सेवा से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। पीड़िता ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो व्यक्ति संस्थान में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी के साथ ऐसी घिनौनी हरकत कर सकता है, वह भविष्य में स्कूल की मासूम छात्राओं के साथ भी ऐसा व्यवहार कर सकता है। भविष्य में किसी भी शैक्षणिक संस्थान में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई होना अनिवार्य है।
क्षेत्र में आक्रोश का माहौल
एक शासकीय विद्यालय के शीर्ष पद पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी पर इस तरह के गंभीर आरोप लगने और कार्रवाई में दो सप्ताह का समय लगने को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चाओं और आक्रोश का माहौल है।

