धमतरी। जिले के सिहावा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जैतपुरी में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक (डीएफओ) वरुण जैन अपनी टीम के साथ वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि टीम के साथ पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख डीएफओ समेत अन्य कर्मचारी किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। इसके बाद सिहावा पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस बल के मौके पर पहुंचने के बाद हालात काबू में आए और इस मामले में तत्काल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
क्या है पूरा मामला?:
वन विभाग को सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वे के जरिए जानकारी मिली थी कि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र और महानदी कैचमेंट में पिछले 15 वर्षों में बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई हुई है। जांच में सामने आया कि करीब 1 लाख पेड़ों की अवैध कटाई कर 106 हेक्टेयर (लगभग 265 एकड़) वन भूमि पर कब्जा कर लिया गया है।
जहां पहले प्रति हेक्टेयर लगभग 1000 पेड़ हुआ करते थे, वहां अब महज 25 से 50 पेड़ ही बचे हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि कई अतिक्रमणकारियों के पास पहले से ही राजस्व भूमि उपलब्ध है, बावजूद इसके जंगलों पर कब्जा किया गया।
166 लोगों पर कार्रवाई जारी:
वन विभाग ने इस मामले में ग्राम जैतपुरी के 166 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर बेदखली नोटिस जारी किया है। इसी कार्रवाई के तहत सोमवार को टीम गांव पहुंची थी, जहां यह हिंसक घटना हुई।
वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हमले के बावजूद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

