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11 महीने की तलाश, फिर अचानक आई उम्मीद
पूजा की मां बबीता देवी करीब 11 महीने पहले लापता हो गई थीं। परिवार ने रिश्तेदारों से लेकर पुलिस तक हर जगह मदद मांगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिर और अस्पताल—पूजा ने शायद ही कोई जगह छोड़ी हो। समय बीतता गया। घर का माहौल बदल गया। पूजा बताती है कि कई रातें ऐसी थीं जब पूरा परिवार जागकर सिर्फ एक सवाल पूछता था—”मां कहां होंगी?”इसी बीच पूजा ने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। उसने अपनी पूरी कहानी सुनाई। वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। पूजा का कहना है कि महाराज ने उसे धैर्य रखने को कहा और भरोसा दिलाया कि उसकी मां जरूर मिलेंगी।
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भिलाई से आया फोन, फिर बदल गई पूरी कहानी
कुछ दिनों बाद पूजा के पास भिलाई से फोन आया। जानकारी मिली कि एक महिला मिली हैं, जिनकी पहचान बबीता देवी के रूप में हो सकती है। यह सुनते ही परिवार तुरंत छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गया। भिलाई पहुंचते ही पूजा अपनी मां को देखकर खुद को रोक नहीं पाई। वह फूट-फूटकर रोने लगी। आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मां-बेटी एक-दूसरे को पकड़कर काफी देर तक रोती रहीं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वहां का माहौल बेहद भावुक था। जैसे किसी ने महीनों से बिछड़े रिश्ते को फिर से जोड़ दिया हो।
मानवता की मिसाल बने स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों ने बबीता देवी की देखभाल में अहम भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने उन्हें पहचानने की कोशिश की और फिर परिवार तक सूचना पहुंचाने में मदद की। पूजा ने कहा कि अब उसे लग रहा है कि उसकी जिंदगी वापस लौट आई है। परिवार ने उन सभी लोगों का आभार जताया जिन्होंने खोज में मदद की।

