यशवंत गंजीर धमतरी | शहर के रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) में आज सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर भारी पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और अंततः आत्मरक्षा में फायरिंग तक की नौबत आ गई। हालांकि, यह दृश्य किसी वास्तविक दंगे का नहीं, बल्कि धमतरी पुलिस द्वारा आयोजित छठवें व्यापक ‘मॉक ड्रिल’ (बलवा ड्रिल) अभ्यास का हिस्सा था।
रणक्षेत्र में बदला परेड ग्राउंड:
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस विशेष अभ्यास के दौरान परेड ग्राउंड को पूरी तरह से दंगों वाले वास्तविक माहौल में बदल दिया गया था। अभ्यास में पुलिसकर्मियों की ही एक टीम ‘उपद्रवी’ बनी थी, जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और पुलिस पर हमला करने का अभिनय किया।
चरणबद्ध तरीके से दी गई उपद्रवियों को शिकस्त:
रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने अपनी रणनीतिक कुशलता का प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने इन चरणों में कार्यवाही की:
समझाइश और चेतावनी: उग्र भीड़ को पहले शांति बनाए रखने की अपील की गई।
अश्रु गैस का प्रहार: चेतावनी बेअसर होने पर टियर गैस पार्टी ने अश्रु गैस के गोले छोड़े।
लाठीचार्ज: भीड़ के और आक्रामक होने पर लाठी पार्टी ने मोर्चा संभाला और उपद्रवियों को खदेड़ा।
फायरिंग अभ्यास: स्थिति अत्यंत गंभीर होने पर मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद 05 राउंड फायरिंग का अभ्यास किया गया।
घायलों का तत्काल रेस्क्यू:
मॉक ड्रिल में न केवल उपद्रव नियंत्रण, बल्कि मानवीय सहायता का भी परीक्षण हुआ। संघर्ष के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों और जवानों को मेडिकल टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुँचाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक दोहराया गया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जवानों को ईनाम:
पुलिस अधीक्षक ने अभ्यास की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले आरक्षक धनेन्द्र साहू को 100 रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया। वहीं बेहतर अनुशासन के लिए सउनि राधेश्याम बंजारे, आरक्षक गिरधर साहू और गनपत साहू की सेवा पुस्तिका में “प्रशंसा” अंकित करने की घोषणा की गई।
एसपी सूरज परिहार ने बताया कि”इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को परखना है, ताकि धमतरी की जनता हमेशा सुरक्षित रहे।”
इस अवसर पर सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, डीएसपी मोनिका मरावी समेत जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

