कटनी जिले की रीठी तहसील में रोजगार का संकट लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर काम नहीं मिलने के कारण क्षेत्र के सैकड़ों श्रमिक अब दूसरे शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। रीठी रेलवे स्टेशन पर रोज बड़ी संख्या में मजदूर ट्रेनों से सफर करते दिखाई दे रहे हैं, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए घर छोड़कर बाहर काम तलाशने जा रहे हैं।
रीठी तहसील क्षेत्र में रोजगार के सीमित साधनों ने ग्रामीण श्रमिकों की चिंता बढ़ा दी है। खेती-किसानी का सीजन खत्म होने के बाद मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में युवक और मजदूर दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य बड़े शहरों की ओर रुख कर रहे हैं।
रीठी रेलवे स्टेशन इन दिनों श्रमिकों की भीड़ से भरा नजर आ रहा है। सुबह और शाम ट्रेनों में सफर करने वाले मजदूरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाथों में बैग और चेहरे पर उम्मीद लिए ये श्रमिक बेहतर रोजगार की तलाश में अपने गांव और परिवार को छोड़ने को मजबूर हैं।
“यहां काम नहीं मिल रहा है, इसलिए बाहर जाना पड़ रहा है। परिवार चलाने के लिए मजदूरी करना जरूरी है।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, तो मजदूरों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। रोजगार की कमी का असर अब गांवों की आर्थिक स्थिति पर भी दिखाई देने लगा है।
रीठी तहसील से बढ़ता श्रमिक पलायन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

