कटनी जिले की रीठी तहसील क्षेत्र में कार्यरत मैदानी संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। लगातार फील्ड में काम करने के बावजूद भुगतान न होने से अब कर्मियों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।
रीठी तहसील मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि वे तपती धूप हो या बारिश, हर परिस्थिति में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद बीते दो महीनों से वेतन नहीं मिलने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।
“हम लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं, लेकिन दो महीने से वेतन नहीं मिला। घर चलाना मुश्किल हो गया है। राशन और जरूरी खर्चों के लिए उधार लेना पड़ रहा है।”
कर्मियों का कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी कठिन हो गया है। कई कर्मचारियों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और अन्य जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।
“सरकार और विभाग से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द लंबित वेतन जारी किया जाए ताकि हम आर्थिक परेशानी से बाहर निकल सकें।”
स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे ये संविदा कर्मी अब खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर लगातार सेवा देने वाले इन कर्मचारियों का वेतन समय पर कब तक जारी होगा।

