रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में शुक्रवार को रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। इस दौरान प्रदेश स्तर की 397वीं और रायपुर जिले की 186वीं जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें कई गंभीर प्रकरणों पर कड़ा रुख अपनाते हुए आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए।
बिना तलाक दूसरी शादी, नौकरी खत्म करने की तैयारी
सुनवाई के दौरान एक चौंकाने वाले मामले में आवेदिका ने बताया कि गरियाबंद जिले में पदस्थ एक होमगार्ड ने धोखे से शादी की, जबकि वह पहले से दो शादियां कर चुका था। सच सामने आने पर आयोग ने इसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए संबंधित अनावेदक को सेवा समाप्ति के लिए शो-कॉज नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
वहीं एक अन्य मामले में शासकीय शिक्षक द्वारा पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी करने का मामला सामने आया। शिक्षक ने स्वयं इस बात को स्वीकार किया। आयोग ने इसे सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद और प्रमुख सचिव शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर सेवा समाप्ति की अनुशंसा करने की बात कही।
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भरण-पोषण नहीं देने पर आयोग सख्त, FIR का रास्ता खुला
एक अन्य प्रकरण में मृतक पति की संपत्ति में हिस्सेदारी से वंचित महिला को न्याय दिलाने के लिए आयोग ने सख्ती दिखाई। आवेदिका ने बताया कि करोड़ों की संपत्ति पर ससुर और देवरों ने कब्जा कर रखा है और उसे व उसकी बेटी को भरण-पोषण नहीं दिया जा रहा। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का मामला है और पीड़िता को एफआईआर दर्ज कराने का पूरा अधिकार है। साथ ही अनावेदकों ने बकाया भरण-पोषण के रूप में 2 लाख रुपए देने पर सहमति जताई।
समझाइश से सुलझे विवाद, मारपीट पर सख्त चेतावनी
घरेलू विवाद के कुछ मामलों में आयोग ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर साथ रहने की सलाह दी। एक प्रकरण में पति-पत्नी के बीच सुलह हो जाने पर उन्हें रिश्ते सुधारने की नसीहत दी गई। वहीं एक अन्य मामले में शिक्षक पति द्वारा पत्नी से मारपीट की शिकायत पर आयोग ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोबारा हिंसा हुई तो तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
महिला आयोग की इस कार्रवाई से साफ है कि अब महिला उत्पीड़न के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।

