चेन्नई/नई दिल्ली | शनिवार, 9 मई 2026 तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति के बीच सरकार बनाने की जोड़-तोड़ तेज हो गई है। राज्य की डुओपोली (DMK-AIADMK) को तोड़ते हुए विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया है, लेकिन बहुमत (118) के लिए उसे सहयोगियों की सख्त जरूरत है। इस चुनावी गणित में 2 सीटों वाली VCK और उसके नेता थोल थिरुमावलवन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो गई है।
VCK का बड़ा दांव: डिप्टी सीएम पद की मांग?
सूत्रों के मुताबिक, थिरुमावलवन ने विजय की पार्टी को समर्थन देने के बदले में उपमुख्यमंत्री पद और कैबिनेट में अहम मंत्रालयों की मांग रखी है। हालांकि कुछ हलकों में उनके मुख्यमंत्री बनने की चर्चाएं भी उठी थीं, लेकिन वर्तमान समीकरणों में वह ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
AIADMK-DMK गठबंधन की अफवाहों पर विराम?
बीते कुछ दिनों से चर्चा थी कि अभिनेता विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए दो धुर विरोधी पार्टियां—DMK (59 सीटें) और AIADMK (47 सीटें)—हाथ मिला सकती हैं।
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स्टालिन का रुख: निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शुरुआत में इस विचार को खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में वरिष्ठ नेताओं के दबाव में उन्होंने अन्य सहयोगियों से चर्चा की।
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ताजा अपडेट: शनिवार को AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने नई बनने वाली सरकार को बधाई देकर इन अटकलों को शांत कर दिया है कि वे DMK के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे।
विजय की TVK के पास अब क्या है विकल्प?
विजय ने राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करने की कोशिश की है।
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समर्थन की गणित: यदि कांग्रेस (5 सीटें), CPI (2 सीटें), CPI(M) (2 सीटें) और अब VCK (2 सीटें) विजय को समर्थन पत्र सौंप देते हैं, तो उनका आंकड़ा 119 तक पहुंच जाएगा, जो बहुमत (118) से एक ज्यादा है।

