Shubhendu Adhikari’ कोलकाता | शनिवार, 9 मई 2026 आज जब कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में इतिहास रच रहे हैं, तब उनके सबसे भरोसेमंद साथी चंद्रनाथ रथ की कमी सबको खल रही है। दो दिन पहले उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि शुभेंदु के साथ साये की तरह रहने वाले लोगों की मौत का यह सिलसिला पुराना है।
1. चंद्रनाथ रथ: चुनावी जीत के बाद ‘टारगेट किलिंग’?
पूर्व वायुसेना कर्मी और शुभेंदु के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या बुधवार रात उस वक्त की गई जब वह घर लौट रहे थे। हमलावरों ने उनकी स्कॉर्पियो को घेरकर 16 राउंड फायरिंग की। भाजपा ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ करार दिया है। चंद्रनाथ रथ शुभेंदु के बेहद करीबी थे और उनके प्रशासनिक कार्यों का मुख्य हिस्सा संभालते थे।
2. सुब्रत चक्रवर्ती: सुरक्षाकर्मी की रहस्यमयी मौत (2018)
शुभेंदु अधिकारी के सुरक्षा घेरे में रहने वाले स्टेट आर्म्ड पुलिस के जवान सुब्रत चक्रवर्ती की साल 2018 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बताया गया था कि काथी स्थित पुलिस बैरक में उन्होंने खुद को गोली मार ली थी। हालांकि, 2021 में उनकी पत्नी ने इस मामले की दोबारा जांच की मांग की, जिसके बाद सीआईडी (CID) ने केस फिर से खोला था। इस मामले में शुभेंदु अधिकारी से भी पूछताछ की गई थी।
3. प्रदीप झा: पीए की कोलकाता में मिली थी लाश (2013)
यह मामला उस वक्त का है जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद थे। उनके तत्कालीन निजी सहायक प्रदीप झा की लाश कोलकाता के स्ट्रैंड रोड पर संदिग्ध हालत में मिली थी। 42 वर्षीय प्रदीप झा शुभेंदु के राजनीतिक सचिव के रूप में भी कार्य करते थे। उस समय इस मौत को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे, लेकिन मामला धीरे-धीरे शांत हो गया।
4. पुलक लाहिड़ी: एक और भरोसेमंद साथी का अंत
शुभेंदु अधिकारी के एक और सहयोगी पुलक लाहिड़ी की भी ‘अस्वाभाविक’ परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। हालांकि इस मामले में कोई बड़ी आपराधिक साजिश साबित नहीं हुई, लेकिन शुभेंदु के विरोधियों और समर्थकों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि उनके करीबियों के साथ अक्सर ऐसी अनहोनी क्यों होती है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
शुभेंदु अधिकारी ने चंद्रनाथ रथ की हत्या को “कोल्ड ब्लडेड मर्डर” बताते हुए इसे पिछले 15 वर्षों के ‘जंगलराज’ का परिणाम बताया है। वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि इन मौतों की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके। आज शपथ ग्रहण समारोह में चंद्रनाथ रथ की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर शुभेंदु ने अपने कार्यकाल की शुरुआत की भावनात्मक नींव रखी है।

