चंदौली जनपद में अवैध मिट्टी खनन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि रात के समय मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए ढुलाई की जा रही है। आरोप है कि खनन कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृत सीमाओं से अलग तरीके से संचालित किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर कृषि भूमि से मिट्टी निकासी का कार्य देर रात तक चलता है। मिट्टी की खुदाई के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से उसे विभिन्न निर्माण कार्यों प्लाट भराई और अन्य स्थानों तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से गांव की सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
जानकारों के मुताबिक वैध मिट्टी खनन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीमित क्षेत्र, तय मात्रा और निर्धारित समयावधि के भीतर ही कार्य किया जा सकता है। साथ ही संबंधित अनुमति, रॉयल्टी और परिवहन संबंधी दस्तावेज होना आवश्यक होता है। लेकिन आरोप है कि कुछ मामलों में एक स्थान की स्वीकृति दिखाकर दूसरे स्थानों पर खुदाई की जाती है या स्वीकृत मात्रा से अधिक मिट्टी निकाली जाती है।
यह भी चर्चा है कि जांच के दौरान कुछ लोग पुराने परमिट, आंशिक अनुमति या अन्य दस्तावेज दिखाकर कार्रवाई से बचने का प्रयास करते हैं। बताया जा रहा है कि जब जांच टीम पहुंचती है उससे पहले ही मशीनें और वाहन मौके से हटा दिए जाते हैं।
इस पूरे मामले में खनन विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई हो तो अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
हालांकि प्रशासन की ओर से समय-समय पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई और सख्ती के दावे किए जाते रहे हैं।
अभी लगातार उठ रही शिकायतों पर जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठाते हैं और नियमों के विपरीत खनन करने वालों पर कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है।

