कुरुद। कुरुद विकासखण्ड का ग्राम पंचायत सिरसिदा आज सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और जन-भागीदारी की एक उत्कृष्ट मिसाल बन गया है। यहाँ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत किए गए सामूहिक वृक्षारोपण ने न केवल पर्यावरण को नई संजीवनी दी है, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की नई इबारत भी लिख दी है।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में पंचायत की 6 एकड़ भूमि पर 11.32 लाख रुपये।की लागत से एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई। इसके तहत आम के 900, अमरूद के 300 और करौंदा के 800 पौधे रोपे गए। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता स्थानीय स्व-सहायता समूहों।की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। महिलाओं ने न केवल मजदूरी की, बल्कि पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और खाद-पानी का जिम्मा उठाकर इस बंजर भूमि को एक फलदार उपवन में बदल दिया।
शुरुआती चुनौतियों जैसे सिंचाई व्यवस्था और मवेशियों से सुरक्षा को मात देते हुए महिलाओं की मेहनत अब रंग लाने लगी है। हाल ही में आम के पेड़ों से हुई पहली पैदावार को बाजार में बेचकर महिलाओं ने 5,000 रुपये। की प्रारंभिक आय अर्जित की। यह राशि भले ही छोटी हो, लेकिन इसने ग्रामीणों में यह विश्वास जगा दिया है कि यह मॉडल भविष्य में स्थायी आय का एक मजबूत स्रोत बनेगा।
आने वाले समय में जब अमरूद और करौंदा के पौधे भी पूरी तरह फल देने लगेंगे, तब स्थानीय स्तर पर अचार और मुरब्बा जैसे लघु उद्योगों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस पहल ने जहाँ एक ओर पंचायत की आय बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार लाया है। आज सिरसिदा की महिलाएं घरेलू काम के साथ-साथ आर्थिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिससे समाज में उनका सम्मान बढ़ा है। यह परियोजना न केवल हरियाली फैला रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही है।

