Electricity may become expensive in Chhattisgarh : रायपुर।’ छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए चिंता भरी खबर है। राज्य में जल्द ही बिजली की दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) जून 2026 से नया टैरिफ लागू करने की तैयारी में है। यदि नई दरें प्रभावी होती हैं, तो घरेलू से लेकर औद्योगिक, हर श्रेणी के उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
क्यों बढ़ रही हैं बिजली की दरें?
बिजली कंपनियों (CSPDCL) ने आयोग के समक्ष भारी वित्तीय घाटे का हवाला देते हुए दरों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा है।
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6,300 करोड़ का घाटा: पावर कंपनी ने लगभग 6,300 करोड़ रुपये के संचित घाटे का दावा किया है।
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राजस्व की कमी: कंपनी का तर्क है कि वर्तमान दरों से होने वाली आय परिचालन खर्चों और बिजली खरीद की लागत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
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पुराना घाटा (Revenue Gap): पिछले वित्तीय वर्षों के बकाया घाटे को कवर करने के लिए टैरिफ में बदलाव को जरूरी बताया गया है।
आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?
हालांकि आयोग ने अभी अंतिम दरों की घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वृद्धि 10% से 15% तक हो सकती है।
| उपभोक्ता श्रेणी | संभावित असर |
| घरेलू (Domestic) | मासिक बिल में ₹150 से ₹500 तक की बढ़ोतरी संभव। |
| व्यावसायिक (Commercial) | दुकानों और दफ्तरों का खर्च बढ़ेगा। |
| औद्योगिक (Industrial) | उत्पादन लागत बढ़ने से वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। |
जून से लागू हो सकता है नया टैरिफ
नियामक आयोग पिछले कुछ महीनों से पावर कंपनियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों और उस पर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा कर रहा है। चुनावी साल और अन्य राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सरकार ने अब तक इसे टाला था, लेकिन अब जून महीने से नई दरों के लागू होने की प्रबल संभावना है।
छत्तीसगढ़ में फिलहाल “मुख्यमंत्री बिजली बिल हाफ योजना” लागू है। यदि टैरिफ बढ़ता है, तो सब्सिडी का गणित भी बदल सकता है, जिससे सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा या उपभोक्ताओं को अधिक भुगतान करना होगा।

