कटनी जिले का रीठी का सरकारी अस्पताल हमेशा से गंभीर आरोपों के घेरे में रहा है। यहाँ की बदहाल व्यवस्था, घंटों इलाज के इंतजार में भटकते मरीज ,और कर्मचारियों का मनमाना रवैया,डॉक्टर का मुख्यालय में उपस्थित न होना, और डॉक्टर की जगह नेत्र सहायक चिकित्सक को ओपीडी संभालना ऐसे कई सवालो के घेरे मैं सुर्खियों पर रहा है l जिसको लेकर स्थानीय मीडिया द्वारा खबरों के माध्यम लगातार अस्पताल की कमियों को उजाकर किया जा रहा था l
जिस पर संज्ञान लेते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राज सिंह ठाकुर ने प्रशासकीय कार्य-सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए, डॉ. आशित निगम, संविदा चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिलहरी, जिला कटनी को तत्काल प्रभाव से खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रीठी, जिला कटनी का प्रशासनिक प्रभार सौंपा गया, साथ ही, डॉ. मृघेन्द्र श्रीवास्तव, चिकित्सा अधिकारी को खण्ड चिकित्सा अधिकारी के दायित्वों से पृथक करते हुए, उन्हें यथावत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रीठी, जिला कटनी में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने हेतु निर्देशित किया गया है।
जो ग्रामीणों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या बीएमओ का प्रभार बस बदलने में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो पाएगा या नहीं,,l जबकि पूर्व मैं जिला पंचायत सदस्य माला मोसी ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत पत्र सौंपकर बीएमओ और वर्षो से अंगद की तरह पैर जमाए बैठे कर्मचारियों को हटाए जाने की मांग की थी ,ताकि रीठी सरकारी अस्पताल में ग्रामीणों और पड़ोसी जिले के कुछ ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाए मिल सके l
फिर भी ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए प्रभारी बीएमओ के आने से कुछ स्वास्थ सेवा में सुधार और हो रही लापरवाहियों पर लगाम कसी जाएगी l

