नेटवर्क की परतें खुलती जा रहीं
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में संदीप इसरानी उर्फ गोलू (40) और मनसून रजा (23) शामिल हैं। दोनों नेटवर्क के ऑपरेशन में अहम भूमिका निभा रहे थे। यह कोई छोटा गिरोह नहीं था। यह एक सिस्टम था। ऐप, यूजर, ट्रांजैक्शन—सब कुछ सेट। मुख्य आरोपी बाबू खेमानी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं हुई। हर गिरफ्तारी के साथ एक नई कड़ी सामने आ रही है।
कैसे चलता था ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क?
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा ऑपरेट करता था। यूजर लॉगिन करते, पैसा ट्रांसफर होता, और फिर खेल शुरू।
- फर्जी आईडी और डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल
- लोकल एजेंट के जरिए यूजर जोड़ना
- तेजी से पैसा घुमाने की तकनीक
एक अधिकारी ने बताया कि यह नेटवर्क राज्य से बाहर भी फैला हो सकता है।

