बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर–रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। स्कूल जा रही दो शिक्षिकाएं तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गईं, जिसमें एक शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है।
स्कूल जाते समय हुआ भीषण हादसा..
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करमडीहा स्कूल में पदस्थ शिक्षिकाएं रामकली मिंज (लैब सहायक) और रजनी केवट शनिवार सुबह स्कूटी से अपने विद्यालय जा रही थीं। इसी दौरान बसंतपुर थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों शिक्षिकाएं सड़क पर दूर जा गिरीं। हादसे में रामकली मिंज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि रजनी केवट गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घायल शिक्षिका की हालत नाजुक .
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी और घायल शिक्षिका को तत्काल वाड्रफनगर सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, रजनी केवट की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।

ट्रक चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी
हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
परिजनों और स्कूल स्टाफ में शोक की लहर..
इस दुखद घटना की खबर मिलते ही मृतक शिक्षिका के परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं स्कूल स्टाफ और छात्रों में भी गहरा शोक देखा गया। रामकली मिंज के अचानक निधन से पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, सड़क सुरक्षा की मांग .
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल के लिए कड़े इंतजाम किए जाएं, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेत व स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।
बढ़ती लापरवाही बन रही हादसों की वजह ..
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाही भरी ड्राइविंग निर्दोष लोगों की जान लेती रहेगी। जरूरत है कि प्रशासन और आम जनता दोनों मिलकर सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

