BY यशवंत गंजीर धमतरी।
धमतरी जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण तब सामने आया, जब जिले के दो मेधावी छात्र-छात्राओं नेहा साहू और मयंक साहू का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रतिष्ठित ‘युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका-2026)’ के लिए हुआ। खास बात यह है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन, रायपुर रीजन से इस वर्ष केवल दो विद्यार्थियों का चयन हुआ है और दोनों ही धमतरी जिले से हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
साहू समाज का बढ़ा गौरव:
नेहा और मयंक की इस उपलब्धि ने पूरे साहू समाज को गौरवान्वित किया है। केंद्रीय विद्यालय लोहरसी के कक्षा 10वीं के छात्र मयंक साहू और पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय कुरुद की छात्रा नेहा साहू ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
नेहा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मुझे बचपन से ही तारों और अंतरिक्ष की दुनिया आकर्षित करती थी, अब इसरो के वैज्ञानिकों से सीखने का अवसर मिलना मेरे लिए सपना सच होने जैसा है।”
जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई:
इस उपलब्धि पर कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने दोनों विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे जिले और समाज के लिए प्रेरणादायक है। वहीं विधायक ओंकार साहू ने मयंक के निवास पहुंचकर उनका सम्मान किया और कहा कि, “यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।”
इसरो में सीखेंगे अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां:
‘युविका’ कार्यक्रम के तहत चयनित विद्यार्थियों को इसरो के विभिन्न केंद्रों में दो सप्ताह का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान नेहा और मयंक रॉकेट तकनीक, उपग्रह प्रणाली, रोबोटिक्स, कैनसैट प्रयोग और अंतरिक्ष अनुसंधान की आधुनिक तकनीकों को विशेषज्ञों से सीखेंगे। उन्हें देश के प्रमुख अंतरिक्ष केंद्रों जैसे विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र का भ्रमण करने का भी अवसर मिलेगा।
शिक्षकों के मार्गदर्शन से मिली सफलता:
नेहा की सफलता में विज्ञान शिक्षक गणेश राम कावड़े, रेणु त्रिपाठी, हिमांशु त्रिपाठी, नेम सिंह तथा प्राचार्या ग्लोरिया मिंज का विशेष योगदान रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि को विद्यालय और जिले के लिए ऐतिहासिक बताया।
इस गौरवपूर्ण सफलता से पूरे धमतरी जिले में उत्सव जैसा माहौल है। सभी को उम्मीद है कि ये दोनों ‘नन्हे वैज्ञानिक’ भविष्य में देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करेंगे और विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।

