हुमायूं कबीर का ‘विद्रोह’: अपनी ही पार्टी पर लगाया धांधली का आरोप
मुर्शिदाबाद के डोमकल इलाके में स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक हुमायूं कबीर घटनास्थल पर पहुंचे। वे वहां सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं से भिड़ने पहुंचे थे। कबीर ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के ही कुछ नेता और कार्यकर्ता डोमकल में निष्पक्ष मतदान में बाधा डाल रहे हैं और निर्दलीय उम्मीदवारों को धमका रहे हैं। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने विधायक का घेराव किया, जिसके बाद कबीर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उनका यह ‘विद्रोह’ पहले चरण की वोटिंग के बीच टीएमसी के लिए बड़ी फजीहत बन गया है। कबीर ने साफ कहा कि जब तक डोमकल में निष्पक्ष चुनाव की गारंटी नहीं मिलती, वे धरने से नहीं उठेंगे।
इससे पहले, निर्वाचन आयोग ने मुर्शिदाबाद के डोमकल के जिला मजिस्ट्रेट (DM) से बुधवार रात हुई कथित हिंसा को लेकर विस्तृत मांगी थी। हिंसा के कारणों, घायलों की संख्या और की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा गया है। आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए। कूचबिहार और पुरुलिया के कुछ बूथों पर भी ईवीएम खराब होने और टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाताओं को रोकने की खबरें आई थीं, लेकिन मुर्शिदाबाद की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

