नई दिल्ली। प्रधानमंत्री PM Modi ‘ ने शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में होने वाली महत्वपूर्ण वोटिंग से पहले सभी सांसदों से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में प्रस्तावित संशोधनों का समर्थन करने की पुरजोर अपील की है। बजट सत्र के विस्तार के रूप में बुलाए गए इस तीन दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन आज संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पर मतदान होना है। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण को अधिक प्रभावी बनाने और इसके कार्यान्वयन की बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि यह सुधार राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
विशेष सत्र के केंद्र में तीन प्रमुख विधेयक
16 अप्रैल से शुरू हुए इस विशेष सत्र में केंद्र सरकार ने विधायी कामकाज के लिए तीन महत्वपूर्ण बिल पेश किए हैं।
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संविधान (131वां) संशोधन विधेयक: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रावधानों में तकनीकी स्पष्टता।
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परिसीमन विधेयक 2026: सीटों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया को गति देना।
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केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: यूटी प्रशासन से जुड़े विधायी सुधार।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन की आवश्यकता
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का उद्देश्य आरक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाना है। सरकार चाहती है कि परिसीमन और जनगणना के तकनीकी पहलुओं की वजह से महिलाओं के हक में मिलने वाले आरक्षण में कोई देरी न हो। पीएम ने सांसदों से आग्रह किया कि वे इसे राजनीतिक चश्मे से न देखकर ‘देश प्रथम’ की भावना से समर्थन दें।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ी हलचल
सदन में वोटिंग से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहाँ भाजपा और सहयोगी दलों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर उपस्थिति सुनिश्चित की है, वहीं विपक्ष भी संशोधनों के बारीक पहलुओं पर अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मूल ढांचे में किसी भी प्रकार के बदलाव को लेकर विपक्षी दल ओबीसी कोटे और तत्काल कार्यान्वयन की मांग पर अड़े हुए हैं।
लोकसभा में आज मतदान की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। यदि यह विधेयक दो-तिहाई बहुमत से पारित हो जाता है, तो इसे राज्यसभा में भेजा जाएगा।

