कुरुद । केंद्र सरकार द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) का कुरुद क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानू चंद्राकर एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष गीतेश्वरी हेमंत साहू ने कहा कि यह कानून देश में महिला नेतृत्व के नए युग की शुरुआत करेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।
मोदी सरकार द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का स्वागत करते हुए कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का यह प्रावधान महिलाओं को केवल योजनाओं के ‘लाभार्थी’ तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें नीति निर्माण की मुख्यधारा में भागीदारी का अवसर देगा। दशकों के लंबे इंतजार के बाद लिया गया यह निर्णय लोकतंत्र को अधिक समावेशी, संवेदनशील और सशक्त बनाएगा।
उन्होंने कहा कि संसद के विशेष सत्र में इस अधिनियम के पारित होने से महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। इसके लागू होने के बाद लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को स्वतः 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी।
जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश के स्थानीय निकायों में पहले से ही 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू है और इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। अब राष्ट्रीय स्तर पर यह कानून महिलाओं के लिए और अधिक अवसर लेकर आएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह व्यवस्था 2029 के चुनावों तक प्रभावी रूप से लागू होगी, जिससे महिला नेतृत्व को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा और स्वच्छता जैसे मुद्दों को निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही, यह कानून महिलाओं की राजनीतिक पहचान को मजबूत करेगा, उनकी नेतृत्व क्षमता को निखारेगा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

