धमतरी। जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम अब सिर्फ पकड़-धकड़ तक सीमित नहीं, बल्कि जड़ों तक पहुंचने लगी है। ताजा कार्रवाई में धमतरी पुलिस ने अंतर्राज्यीय हेरोइन (चिट्टा) तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए 56 ग्राम हेरोइन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब 16.24 लाख रुपये की जब्ती के साथ यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन निश्चय’ की अब तक की सबसे सटीक स्ट्राइक मानी जा रही है।
पुलिस की टीम ने श्याम तराई फॉरेस्ट नाका के पास मुखबिर की पुख्ता सूचना पर घेराबंदी कर एक कार में सौदेबाजी करते तीनों आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी में हेरोइन के साथ मारूति स्विफ्ट कार, मोबाइल फोन और नगद रकम बरामद हुई—जो इस बात का संकेत है कि नेटवर्क सिर्फ सप्लाई ही नहीं, बल्कि फील्ड-लेवल डिस्ट्रीब्यूशन तक संगठित तरीके से काम कर रहा था।
रडार पर था ‘मास्टरमाइंड’, आखिरकार गिरफ्त में
इस नेटवर्क का मुख्य चेहरा मोहम्मद इस्लामुद्दीन कुरैशी पिछले आठ महीनों से पुलिस की निगरानी में था। जांच में सामने आया है कि वह रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद और धमतरी तक फैले नेटवर्क का संचालन कर रहा था। लगातार मोबाइल नंबर बदलना, लोकेशन शिफ्ट करना और छोटे-छोटे मॉड्यूल में काम करना उसकी रणनीति का हिस्सा था।
लेकिन मुखबिर तंत्र और तकनीकी निगरानी के संयोजन ने आखिरकार उसकी ‘सुरक्षा कवच’ को तोड़ दिया।
पंजाब कनेक्शन: ट्रेन से आती थी ‘खतरनाक खेप’
पूछताछ में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि आरोपी पिछले डेढ़ से दो वर्षों से पंजाब से ट्रेन के जरिए हेरोइन मंगवाकर छत्तीसगढ़ में खपा रहा था। यानी यह मामला सिर्फ लोकल तस्करी नहीं, बल्कि सप्लाई चेन आधारित संगठित अपराध का हिस्सा है।
एक दिन पहले सिटी कोतवाली क्षेत्र में हुई गिरफ्तारी ने इस नेटवर्क की कड़ी खोली, जिसके बाद अर्जुनी पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से यह निर्णायक कार्रवाई की।
कौन हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में
निजामुद्दीन कुरैशी (28)
अनिता नेताम (37)
मोहम्मद इस्लामुद्दीन कुरैशी (34)
सभी निवासी बालोद शामिल हैं।
तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
जब्ती का पूरा गणित (बॉक्स)
56 ग्राम हेरोइन – ₹11,00,000
मारूति स्विफ्ट कार – ₹5,00,000
2 मोबाइल फोन – ₹20,000
नगद – ₹4,240
कुल जब्ती – ₹16,24,240
ऑपरेशन निश्चय: सिर्फ अभियान नहीं, रणनीतिक प्रहार
धमतरी पुलिस का ‘ऑपरेशन निश्चय’ अब परिणाम देने लगा है। पिछले एक सप्ताह में करीब 30 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, और अब यह कार्रवाई बताती है कि पुलिस केवल छोटे पेडलरों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

