कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पुणे एक्सप्रेस से 165 मुस्लिम लड़कों के रेस्क्यू मामले में नया मोड़ आया है। बच्चों के परिजन ने वीडियो जारी कर कहा है कि वे मजदूरी करने नहीं, मदरसा में पढ़ने के लिए जा रहे थे। इसमें परिजन की सहमति थी।
उधर, कटनी और जबलपुर के बाल गृहों में इन बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है। पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन से बच्चों का वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात पटना-पुणे एक्सप्रेस से 165 मुस्लिम बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। इन्हें संदिग्ध हालात में बिहार से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। रेस्क्यू किए गए 165 में से 84 बच्चों को रात में ही दो बसों से जबलपुर के बाल गृह भेज दिया गया जबकि 81 बच्चों को कटनी बाल गृह में रखा गया है।
वहीं, सद्दाम हुसैन, अमानुल्लाह, मोहम्मद जाहिर, आमिर खान, हाफिज अब्बू, मोहम्मद इस्लाम, नौशाद और राशिद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
परिजन ने सोशल मीडिया पर डाले वीडियो
अररिया निवासी मोहम्मद शौकत का भतीजा भी रेस्क्यू किए गए बच्चों में शामिल है। शौकत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जीआरपी की कार्रवाई को गलत बताया है। उन्होंने कहा- हमने अपने भतीजे को महाराष्ट्र के अशरफी मदरसे में काजी सद्दाम के साथ पढ़ने के लिए भेजा था। उन्होंने पुलिस से भतीजे को छोड़ देने की अपील की है।
ऐसे ही एक वीडियो में मोहम्मद शाहिद ने कहा- मेरा बच्चा पढ़ने के लिए मदरसा जा रहा था। हमने ही उसे सद्दाम के साथ भेजा था। उसे रिहा कर दीजिए। 11 साल के एक और बच्चे की मां ने भी ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है।
समाजसेवी बोले- तीन बच्चों के पिता भी साथ थे
कटनी के स्थानीय समाजसेवियों ने भी जीआरपी के एक्शन को गलत बताया है। तारिक हुसैन ने दावा किया है कि इनमें तीन बच्चे ऐसे हैं, जिनके पिता खुद उनके साथ ट्रेन में थे। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया है। कोई पिता अपने ही बच्चे की तस्करी कैसे कर सकता है?
मारूफ अहमद ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उनका कहना है कि पुलिस को मदरसे के वैध दस्तावेज दिखाए गए थे, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। हम इस मामले को लेकर अदालत जाने की तैयारी कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन से करा रहे बच्चों का वेरिफिकेशन
कटनी के आसरा बाल गृह के अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि नियमानुसार बच्चों के गृह जिले अररिया के प्रशासन को पत्र लिखकर वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। वहां से रिपोर्ट आने और बाल कल्याण समिति के निर्देश मिलने के बाद बच्चों को परिजन या संबंधित संस्थान को सौंपा जाएगा।
पटना-पुणे एक्सप्रेस से मुस्लिम बच्चों की तस्करी, 165 रेस्क्यू
मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात पटना-पुणे एक्सप्रेस से 165 मुस्लिम बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इन्हें संदिग्ध हालात में बिहार से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। रेस्क्यू किए गए 165 में से 84 बच्चों को रात में ही दो बसों से जबलपुर के बाल गृह भेज दिया गया, जबकि 81 बच्चों को कटनी बाल गृह में रखा गया है


