BY यशवंत गंजीर
अंबिकापुर/धमतरी | छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय, अंबिकापुर में हुई महिला के साथ दरिंदगी और नृशंस हत्या ने पूरे राज्य को आंदोलित कर दिया है। इस जघन्य ‘निर्भया कांड’ के खिलाफ युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव लिली श्रीवास एक प्रखर नेतृत्व के रूप में उभरी हैं। धमतरी जिले के कुरूद से निकलकर उन्होंने अंबिकापुर के गांधी चौक पर मोर्चा संभाल लिया है, जहाँ से उठी “न्याय दो” की गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है।
लिली श्रीवास का तीखा प्रहार: “आत्मा पर हमला है यह”
अनिश्चितकालीन धरने का नेतृत्व कर रहीं लिली श्रीवास ने प्रदेश की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा:
> “यह सिर्फ एक बेटी के साथ हुई दरिंदगी नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक आत्मा पर प्रहार है। जिस पावन धरती पर हम मां महामाया को पूजते हैं, वहां बेटियों के साथ ऐसी हैवानियत प्रशासन की मौत का प्रमाण है। अगर 24 घंटे में आरोपियों को फांसी की राह नहीं दिखाई गई, तो यह चिंगारी पूरे छत्तीसगढ़ को आंदोलित कर देगी।”
आंदोलन का केंद्र बना गांधी चौक:
शहर के हृदय स्थल गांधी चौक पर जारी इस धरने में जनसैलाब उमड़ पड़ा है। लिली श्रीवास के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
प्रमुख मांग: मामले की सुनवाई तत्काल फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो।
चेतावनी: गिरफ्तारी में देरी होने पर कांग्रेस ब्लॉक स्तर से लेकर राजधानी तक उग्र प्रदर्शन करेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के खुलासों से बढ़ा आक्रोश:
जैसे-जैसे पोस्टमार्टम की रूह कंपा देने वाली जानकारियां (प्राइवेट पार्ट में बोतल डालना और पसलियां तोड़कर फेफड़ों तक पहुंचाना) सार्वजनिक हो रही हैं, जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लिली श्रीवास ने इसे “व्यवस्था की विफलता” करार देते हुए सीधे मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से जवाब मांगा है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल:
धमतरी की कुरुद से जनपद सदस्य से राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाली लिली श्रीवास इस आंदोलन के जरिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के एक सशक्त और जुझारू चेहरे के रूप में स्थापित हुई हैं। उनकी सक्रियता ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव बना दिया है।
