अंबिकापुर, 05 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मुख्यालय अंबिकापुर में मानवता को कलंकित करने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक 45 वर्षीय महिला के साथ न केवल दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसके बाद ऐसी बर्बरता की गई जिसे सुनकर रूह कांप जाए। मृतका का शव लहूलुहान हालत में महामाया प्रवेश द्वार के पास एक मटन दुकान के पीछे पाया गया।
मटन दुकान के पीछे मिली लाश, बर्बरता की पराकाष्ठा
घटना की सूचना रविवार सुबह तब मिली जब स्थानीय लोगों ने रिंग रोड किनारे झोपड़ीनुमा मटन दुकान के पीछे एक महिला का शव देखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो मंजर भयावह था।
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सिर और गले पर वार: महिला का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था और पहचान छिपाने की नीयत से उसके सिर को भारी पत्थर से कुचल दिया गया था।
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प्राइवेट पार्ट में बोतल: हैवानियत की इंतहा तब दिखी जब शव के परीक्षण के दौरान महिला के गुप्तांग (प्राइवेट पार्ट) में प्लास्टिक की बोतल फंसी हुई मिली। यह इस बात का प्रमाण है कि हत्यारों ने जान लेने से पहले और बाद में मृतका के साथ घिनौनी दरिंदगी की थी।
शिनाख्त: बेटे के साथ रहती थी महिला
पुलिस जांच में मृतका की पहचान 45 वर्षीय महिला के रूप में हुई है। वह मूल रूप से लखनपुर क्षेत्र की रहने वाली थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से अंबिकापुर के गंगापुर इलाके में अपने बेटे के साथ रह रही थी। बताया जा रहा है कि महिला मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती थी।
पुलिस की कार्रवाई: संदेहियों की तलाश तेज
वारदात की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा एसपी सहित आला अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई है।
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कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, मामला दर्ज कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
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पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
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आशंका जताई जा रही है कि इस कृत्य में एक से अधिक आरोपी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर इस जघन्य कांड को अंजाम दिया।
इलाके में भारी आक्रोश और दहशत
महामाया पहाड़ी और रिंग रोड जैसे व्यस्त क्षेत्र के पास हुई इस वारदात से शहरवासियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अगर शहर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो कानून व्यवस्था का क्या हाल है?
“यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के चेहरे पर तमाचा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।” > — पुलिस प्रशासन, अंबिकापुर
