मध्य प्रदेश में चल रहे ‘मुस्कान अभियान’ के तहत ढीमरखेड़ा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना 3 अप्रैल की देर रात करीब 2:30 बजे की है, जब पीड़ित परिवार ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। बताया गया कि उनकी नाबालिग बेटी रामलीला देखने के लिए घर से निकली थी, लेकिन कुछ लोगों ने उसे जबरन बोलेरो गाड़ी में बैठाकर अपहरण कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर अलग-अलग टीमों का गठन किया और चौतरफा नाकाबंदी कर दी।
कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी सीमावर्ती थानों को अलर्ट किया गया। लगातार प्रयासों और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया।
इस दौरान अपहरण में शामिल तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो बालिग और एक नाबालिग शामिल है। घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम और साइबर सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी बदौलत इतनी जल्दी सफलता मिल सकी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
ढीमरखेड़ा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल सराहनीय है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा और विश्वास को भी मजबूत करती है।
