- दर्दनाक हादसा: भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-4 में शुक्रवार को एक ठेका मजदूर की मौत हो गई।
- गहराई का शिकार: 49 वर्षीय खोमलाल वर्मा 30 फीट की ऊंचाई पर काम कर रहे थे, तभी संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ।
- सुरक्षा पर सवाल: प्लांट के भीतर ‘सेफ्टी प्रोटोकॉल’ के उल्लंघन और लापरवाही को लेकर मजदूरों में भारी आक्रोश है।
Chhattisgarh Steel Plant Update , भिलाई — भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शुक्रवार को ब्लास्ट फर्नेस-4 में काम के दौरान 49 साल के ठेका मजदूर खोमलाल वर्मा की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खोमलाल लगभग 30 फीट ऊपर एक प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे थे। अचानक उनका पैर फिसला और वे सीधे कंक्रीट के फर्श पर गिरे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी सांसें थम गईं।
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मैदान पर ‘फाउल प्ले’: लापरवाही ने ली जान?
हादसे के बाद प्लांट के भीतर तनाव का माहौल है। पाटन के पहंडोर निवासी खोमलाल वर्मा एक अनुभवी वर्कर थे, लेकिन ऊंचाई पर काम करते समय उन्हें दी गई ‘सेफ्टी बेल्ट’ और जाली (Safety Net) को लेकर अब जांच शुरू हो गई है।
- हादसे का समय: घटना शुक्रवार दोपहर की है जब शिफ्ट अपने पीक पर थी।
- लोकेशन: ब्लास्ट फर्नेस-4 का मेंटेनेंस एरिया, जिसे बेहद खतरनाक माना जाता है।
- इंजरी रिपोर्ट: सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आने के कारण मौत की पुष्टि हुई है।
मजदूर संगठनों ने मैनेजमेंट पर ‘डिफेंसिव’ होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुराने स्ट्रक्चर पर काम करवाते समय अतिरिक्त सावधानी नहीं बरती गई, जिसका नतीजा आज एक मजदूर की जान के रूप में सामने आया है।
“खोमलाल एक मेहनती वर्कर थे। 30 फीट की ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे। हम इस मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग करते हैं।”
— श्रमिक यूनियन प्रतिनिधि, भिलाई
