धमतरी। धमतरी के सिहावा थाना क्षेत्र स्थित श्रृंगी ऋषि पहाड़ में मिली सड़ी-गली लाश ने एक पुराने गुमशुदगी मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। जनवरी से लापता व्यक्ति की इस संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है?
लकड़ी लेने गया ग्रामीण बना ‘पहला गवाह’:
मामले का खुलासा तब हुआ जब केरेगांव थाना क्षेत्र का ग्रामीण अमीन गौर लकड़ी लेने पहाड़ पर पहुंचा। हाथी तालाब के पास उसे एक सड़ी-गली लाश दिखाई दी। घबराए ग्रामीण ने कोटवार के जरिए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिहावा पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू की।
मौके पर मिले ‘सुराग’ या रची गई कहानी?:
घटनास्थल से पुलिस को लाल कंबल, एक शर्ट, बैग और कथित जहर की शीशी ‘आधुनिक 505’ बरामद हुई। बैग में मिले लाइसेंस ने मृतक की पहचान दरगान निवासी जगन्नाथ साहू के रूप में कर दी। लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि यह आत्महत्या है, तो तीन महीने तक शव यहां कैसे पड़ा रहा और किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी?
मॉर्निंग वॉक से शुरू हुई थी ‘गुमशुदगी की कहानी’:
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जगन्नाथ साहू 13 जनवरी को मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकला था और फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन इतने लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। अब उसी व्यक्ति की लाश पहाड़ पर मिलना पूरे मामले को और उलझा रहा है।
आत्महत्या या कुछ और? जांच के घेरे में कई सवाल:
पुलिस भले ही प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मान रही हो, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियां कई संदेह पैदा कर रही हैं। क्या जगन्नाथ खुद यहां आया था या उसे यहां लाया गया? क्या जहर की शीशी असली सुराग है या भटकाने की कोशिश? फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच की बात कह रही है, लेकिन इस रहस्यमयी मौत की परतें खुलना अभी बाकी है।

