धमतरी। जिले में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच पुलिस विभाग खुद ही एक गंभीर चुनौती से जूझ रहा है। विभाग का एक नगर सैनिक पिछले पांच दिनों से लापता है, जिससे पुलिस महकमे में बेचैनी का माहौल है। यह मामला न केवल एक व्यक्ति की गुमशुदगी तक सीमित है, बल्कि ‘तलाश अभियान’ की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। परिवार और विभाग दोनों उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
रहस्यमयी गुमशुदगी
पुलिस लाइन रुद्री में पदस्थ नगर सैनिक दीपक पटेल 30 मार्च से लापता हैं। बताया गया कि ड्यूटी खत्म करने के बाद उन्होंने घर जाने की बात कही थी, लेकिन वे न तो अपने गांव पहुंचे और न ही वापस लौटे। इसके बाद से उनका मोबाइल फोन भी बंद है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। परिजनों के अनुसार, उनके व्यवहार में पहले कोई असामान्यता नहीं थी।
जांच के कई एंगल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। साइबर सेल के जरिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अंतिम लोकेशन की जांच की जा रही है। वहीं संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस उनके निजी जीवन, दिनचर्या और कुछ आदतों को भी ध्यान में रखते हुए हर संभावित पहलू से जांच कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
अभियान पर दबाव और अपील
इधर, जिलेभर में ‘तलाश अभियान’ के तहत बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों पर सघन जांच जारी है। इसके बावजूद अपने ही जवान का पता न चल पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को भी दीपक पटेल या किसी अन्य गुमशुदा व्यक्ति के बारे में जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी थाने या कंट्रोल रूम को सूचित करें।
