By यशवंत गंजीर
रायपुर । गर्मी के मौसम में ठंडी बीयर का मजा लेने वालों के लिए खबर थोड़ी ‘कड़वी’ हो गई है। 1 अप्रैल से लागू नई आबकारी दरों ने बीयर के हर बोतल पर करीब 10 रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। यानी अब हर पैग और हर घूंट के साथ जेब भी हल्की होती जाएगी।(CG NEWS)
बीयर महंगी, पर देसी का ‘स्वैग’ कायम
जहां बीयर और प्रीमियम शराब के शौकीनों को झटका लगा है, वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए राहत बरकरार है। रोजमर्रा में चलने वाली सामान्य शराब की कीमतों को जस का तस रखा गया है। यानी ‘देसी जाम’ वालों की मौज अभी भी जारी है।
प्रीमियम वालों की जेब पर डबल मार
जो लोग हाई-फाई ब्रांड्स के दीवाने हैं, उनके लिए खर्चा और बढ़ने वाला है। पहले जो प्रीमियम बोतल करीब 3500 रुपये में मिलती थी, अब उसकी कीमत 5000 रुपये के आसपास पहुंच सकती है। हालांकि, कुछ ब्रांड्स सस्ते भी हुए हैं—यानि समझदारी से चुनोगे तो बचत भी संभव है।
मंत्री का ‘संतुलन फॉर्मूला’
आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने दावा किया है कि नई रेट लिस्ट संतुलित है। 314 ब्रांड के दाम नहीं बढ़ाए गए, जबकि 83 ब्रांड सस्ते किए गए हैं। चार कंपनियों के साथ अभी भी रेट पर बातचीत जारी है और तीन लेबल को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
पीने में आगे, कमाई में पीछे
दिलचस्प बात यह है कि जहां राज्य में शराब और बीयर की खपत 25% बढ़ गई, वहीं सरकार तय लक्ष्य से पीछे रह गई। 12,500 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 10,700 करोड़ रुपये ही राजस्व मिल सका। यानी पीने वालों की संख्या बढ़ी, लेकिन खजाना उतना नहीं भर पाया।
(CG NEWS)
छत्तीसगढ़ में ‘जाम’ का ट्रेंड तो तेज है, लेकिन अब हर घूंट थोड़ा महंगा जरूर हो गया है। बीयर और प्रीमियम शौकीनों को जेब ढीली करनी पड़ेगी, जबकि आम पियक्कड़ों के लिए फिलहाल राहत की ‘चीयर्स’ जारी है।
