By – Kuleshwar Kuswaha
बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज आंधी-तूफान के साथ हुई जोरदार ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को सफेद चादर से ढक दिया। करीब 15 से 20 मिनट तक लगातार ओले गिरते रहे, जिससे सड़कों, मकानों की छतों और खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई। अचानक बदले इस मौसम से आमजन और किसान दोनों हैरान रह गए।

15–20 मिनट तक लगातार गिरते रहे ओले…
दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में बारिश ओलावृष्टि में बदल गई। करीब 15 से 20 मिनट तक लगातार ओले गिरते रहे। कई स्थानों पर ओले इतने घने गिरे कि सड़कें पूरी तरह सफेद दिखाई देने लगीं। लोगों ने इस दृश्य की तुलना पहाड़ी इलाकों से की।

शिमला जैसा नजारा, गांवों में सर्दी का अहसास…
ओलों की मोटी परत जम जाने से पूरे इलाके में शिमला जैसी स्थिति निर्मित हो गई। घरों की छतें, आंगन और खेत सफेद नजर आने लगे। बच्चों और युवाओं ने इस अप्रत्याशित मौसम का आनंद भी लिया, लेकिन किसानों के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी।
फसलों को नुकसान की आशंका, किसान चिंतित….
तेज हवा और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं, राई, सरसों और मौसमी सब्जियों की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कई जगह तेज हवा से फसलें झुक गईं, वहीं ओलों की मार से बालियां टूटने और पत्तियां क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आ रही हैं।
कुछ खेतों में पानी भरने की भी सूचना मिली है, जिससे रबी फसल पर विपरीत असर पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि यदि दो-तीन दिन और मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
तेज हवा से पेड़-पौधे भी प्रभावित…..
ओलावृष्टि के साथ चली तेज आंधी ने कई स्थानों पर पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचाया। कुछ जगहों पर डालियां टूटकर सड़क पर गिर गईं। हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति कुछ समय के लिए प्रभावित रही।
मौसम विभाग की चेतावनी…
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मौसम परिवर्तन की संभावना जताई है। बादल छाए रहने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन से सर्वे की मांग….
ओलावृष्टि के बाद किसान अब प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। यदि नुकसान अधिक पाया जाता है तो प्रभावित किसानों को राहत प्रदान किए जाने की उम्मीद है।
अचानक बदले मौसम ने जहां एक ओर लोगों को ठंड का अहसास कराया, वहीं किसानों के लिए चिंता की लकीरें भी गहरी कर दी हैं। आने वाले कुछ दिन रबी फसल के लिए अहम साबित हो सकते हैं।


