MP Firecracker Factory Blast , भोपाल/मध्य प्रदेश — MP पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट ने गुरुवार को पूरे इलाके को हिला दिया। तेज धमाके में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना जबरदस्त था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। आसपास खड़े लोगों ने पहले तेज कंपन महसूस किया, फिर आग का गुबार आसमान में उठता दिखाई दिया।
धमाके के बाद फैक्ट्री में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फैक्ट्री के भीतर अचानक तेज आवाज हुई। अगले ही पल दीवारें कांप उठीं। कई मजदूर बाहर भागते नजर आए। कुछ लोग मलबे में दब गए। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। धुएं की गंध कई किलोमीटर दूर तक महसूस की गई। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है। शुरुआती जांच में बारूद स्टोरेज यूनिट में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
लोगों की आंखों के सामने बिखर गया मंजर
घटना के वक्त फैक्ट्री के बाहर मौजूद एक स्थानीय निवासी ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए। “ऐसा लगा जैसे जमीन फट गई हो।” सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार अस्पताल की ओर भागते दिखाई दिए। गर्म हवा और धुएं के बीच राहतकर्मी लगातार अंदर फंसे लोगों को खोजते रहे। एक मजदूर के परिजन अस्पताल के बाहर रोते नजर आए। उनके हाथ में घायल बेटे की चप्पल थी। चेहरा धूल और पसीने से भरा हुआ। वहां मौजूद लोगों की आंखों में डर साफ दिख रहा था।
जांच के आदेश, सुरक्षा नियमों पर सवाल
राज्य प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों ने फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और विस्फोटक सामग्री के स्टोरेज रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में तय क्षमता से ज्यादा बारूद तो नहीं रखा गया था। पिछले कुछ वर्षों में पटाखा फैक्ट्रियों में ऐसे हादसे कई बार सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में रासायनिक सामग्री ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। छोटी लापरवाही भी बड़े धमाके में बदल सकती है।

