आगरा। विगत दिनों से शाहदरा वन क्षेत्र में अवैध कटान को लेकर लगातार शिकायतें और समाचार प्रकाशित हो रहे थे। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार जांच की जा रही थी। जांच के दौरान अब एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।
वन विभाग की जांच में सामने आया कि जो लोग वन क्षेत्र में कटान की शिकायत कर रहे थे, वही ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) नियमों की धज्जियां उड़ाने में शामिल पाए गए। यह कटान शाहदरा जंगल स्थित गौशाला के सामने किया गया था, जहां से अवैध रूप से बबूल के पेड़ों को काटकर लकड़ी को खेतों में छिपा दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, शिकायत करने वाले गुट के व्यक्ति जितेंद्र उर्फ जीते के खेत में जंगल से काटी गई लकड़ी का बड़ा जखीरा छिपाकर रखा गया था। यही नहीं, आरोप है कि जमीनी विवाद के चलते बंटी उर्फ राजकुमार ने गिर्राज शर्मा के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई। पहले जंगल से पेड़ों का कटान कराया गया, फिर लकड़ी को निजी कृषक भूमि में छिपाकर स्वयं ही उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई, ताकि किसी अन्य को फंसाया जा सके।

जांच में यह भी सामने आया है कि पार्षद राधे लाल से बंटी व रनवीर लोधी व उमेश लोधी उसके साथियों द्वारा चौथ वसूली की मांग की जा रही थी और मांग पूरी न होने पर लगातार फंसाने की धमकियां दी जा रही थीं। इसी साजिश के तहत यह पूरा खेल रचा गया।

वन विभाग के कर्मचारियों ने पूर्व में भी क्षेत्र में गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ा था तथा फोटो व वीडियो साक्ष्य संकलित किए गए थे। अब ठोस सबूत हाथ लगने के बाद अवैध लकड़ी का जखीरा बरामद कर लिया गया है, जिसे वन विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
वन विभाग द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाए अब देखना यह है कि वन विभाग दोषियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करते है
रिपोर्ट: बुलबुल शर्मा

