कुरूद। समाज में अक्सर लावारिस शवों की अनदेखी की खबरें सामने आती हैं, लेकिन कुरूद में एक सेवा समिति इस तस्वीर को बदलने में जुटी है। बोल बम सेवा समिति ने एक बार फिर मानवता का उदाहरण पेश करते हुए नया तालाब किनारे मिले अज्ञात शव का पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया।
10 अप्रैल को मिले इस अज्ञात शव के मामले में समिति ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस की अनुमति के बाद हिन्दू मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार संपन्न कराया। इस दौरान दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कर “ॐ शांति” के साथ उसकी शांति के लिए प्रार्थना की गई। यह समिति द्वारा किया गया 74वाँ लावारिस शव का अंतिम संस्कार है, जो उनकी निरंतर सेवा भावना को दर्शाता है।
इस सेवा कार्य में समिति के अध्यक्ष भानु चन्द्राकर, उपाध्यक्ष नंद आमदे, कोषाध्यक्ष अजय कुमार, सह-कोषाध्यक्ष भारत साहु, सहसचिव कमल शर्मा, सदस्य कृष्णा ढीमर, सीताराम, राजा चन्द्राकर, रवि यादव, अमित कुमार और विक्रम सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। वहीं पुलिस विभाग से प्रधान आरक्षक रामसेवक बमबोडे, आरक्षक महेश साहु और संतोष ध्रुव की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया विधिवत संपन्न हुई।
समिति अध्यक्ष भानु चन्द्राकर ने कहा कि “जब किसी का कोई नहीं होता, तब समाज को आगे आना चाहिए।” कुरूद में यह सोच अब एक मिशन बन चुकी है, जो मानवता की मिसाल पेश कर रही है।

