वाड्रफनगर- में वन विभाग ने सड़क किनारे स्थित वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 43 लोगों को नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित लोगों को तीन दिनों के भीतर वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, अन्यथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

यह पूरा मामला रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले पण्डरी गांव से जुड़ा है, जहां ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से सड़क किनारे वन विभाग की जमीन पर कब्जा किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के बाद वन विभाग ने इसे अवैध अतिक्रमण मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले जब वन विभाग की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, तब मौके पर भारी विवाद और बवाल की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया, जिससे तनाव बढ़ गया और प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। इसी घटना के बाद विभाग ने कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी करने का फैसला लिया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह भूमि आरक्षित वन क्षेत्र में आती है और यहां किसी भी प्रकार का निजी कब्जा गैरकानूनी है। नोटिस में अतिक्रमणकारियों को यह अवसर दिया गया है कि यदि उनके पास जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज हैं तो वे तय समय सीमा में प्रस्तुत करें। दस्तावेज सही पाए जाने पर मामले की पुनः समीक्षा की जाएगी, अन्यथा बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। स्थानीय रेंजर पर रिश्वत लेकर अतिक्रमण कराने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले अधिकारियों की मिलीभगत से कब्जा कराया गया और अब अचानक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है।

प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अगली कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की तैनाती भी की जा सकती है। फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और सभी की निगाहें वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

